Hindi Medium One Liner Notes · उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम, 1955 | वन-लाइनर नोट्स
उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम, 1955 | वन-लाइनर नोट्स
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उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम, 1955 (THE U. P. PREVENTION OF COW SLAUGHTER ACT, 1955) | |
[ उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या 1, 1956] [U. P. ACT NO. I OF 1956] | |
| इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम क्या है? | उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम, 1955 |
| उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम, 1955 की अधिनियम संख्या क्या है? | संख्या 1, 1956 |
| इस अधिनियम को राष्ट्रपति की स्वीकृति कब प्राप्त हुई? | 30 दिसम्बर, 1956 |
| यह अधिनियम कहाँ लागू होता है? | समस्त उत्तर प्रदेश में |
| उत्तर प्रदेशीय विधान सभा ने किस दिनांक स्वीकृत किया? | 8 सितम्बर, 1955 ई० |
| उत्तर प्रदेश विधान परिषद् ने किस दिनांक स्वीकृत किया? | 21 सितम्बर, 1955 |
| संक्षिप्त शीर्षनाम, प्रसार तथा प्रारम्भ, (Short Title, Extent and Commencement) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 1 |
| परिभाषायें, (Definitions) किस धारा वर्णित में है? | धारा 2 |
| "गोमांस” (Beef) किस धारा वर्णित में है? | धारा 2(क) |
| "गोमांस” का क्या तात्पर्य है? | गाय के मांस से है किन्तु इसके अन्तर्गत ऐसा मांस नहीं है जो सीलबन्द डिब्बों में हो और उसी स्थिति में उत्तर प्रदेश में आयात किया गया हो |
| धारा 2(क) के अंतर्गत कौन-सा “गोमांस” की परिभाषा में शामिल नहीं है? | सीलबन्द डिब्बों में रखा गया तथा उसी स्थिति में उत्तर प्रदेश में आयात किया गया मांस |
| यदि गाय का मांस सीलबन्द डिब्बों में हो लेकिन उत्तर प्रदेश में उसी स्थिति में आयातित न हो, तो वह— | गोमांस माना जाएगा |
| "गोमांस” को इस अधिनियम में किस अधिनियम द्वारा प्रत्तिस्थापित किया गया? | उ० प्र० अधिनियम संख्या 14, 2002 की धारा 2 द्वारा प्रत्तिस्थापित। |
| "गाय" (Cow) किस धारा में परिभाषित है? | धारा 2(ख) |
| उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम, 1955 की धारा 2(ख) के अनुसार “गाय” शब्द में क्या सम्मिलित है? | बछिया अथवा बछड़ा |
| "गोशाला" (Goshala) किस धारा में परिभाषित है? | धारा 2(ग) |
| उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम, 1955 की धारा 2(ग) के अनुसार “गोशाला” का क्या तात्पर्य है? | उत्तर प्रदेश गोशाला अधिनियम, 1964 के अधीन रजिस्ट्रीकृत गोशाला से |
| यदि कोई संस्था गोशाला के रूप में कार्य कर रही है, लेकिन वह उत्तर प्रदेश गोशाला अधिनियम, 1964 के अधीन रजिस्ट्रीकृत नहीं है, तो वह— | धारा 2(ग) के अंतर्गत गोशाला नहीं मानी जाएगी |
| "संस्था" (Institution) किस धारा में परिभाषित है? | धारा 2(ग)(ग) |
| उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम, 1955 की धारा 2(ग)(ग) में “संस्था” से क्या तात्पर्य है? | धारा 6 के अधीन स्थापित कोई संस्था |
| धारा 6 के अधीन “संस्था” से तात्पर्य- | राज्य सरकार, स्थानीय प्राधिकारी या पंजीकृत सोसाइटी स्थापित कोई संस्था |
| "वध" (Slaughter) किस धारा में परिभाषित है? | धारा 2(घ) |
| "वध" (slaughter) का तात्पर्य है- | किसी भी रीति से मारण (killing) से है तथा इसके अन्तर्गत इस प्रकार से अंगहीन करना (maiming) तथा शारीरिक आघात पहुंचाना भी है जिससे सामान्य रूप में (in the ordinary course) मृत्यु हो जायI |
| कौन-सा कृत्य “वध” की परिभाषा में स्पष्ट रूप से सम्मिलित है? | इस प्रकार अंगहीन करना जिससे सामान्य रूप में मृत्यु हो जाए |
| यदि किसी पशु के महत्वपूर्ण अंग को इस प्रकार क्षतिग्रस्त किया जाए कि वह जीवित न रह सके, तो यह किस श्रेणी में आएगा? | वध |
| धारा 2(ङ) विषय से सम्बंधित है ? | "राज्य सरकार" (State Government) |
| उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम, 1955 की धारा 2(ङ) के अनुसार “राज्य सरकार” से क्या अभिप्राय है? | उत्तर प्रदेश की सरकार |
| धारा 2(च) किस अधिनियम द्वारा निरसित किया गया? | उ० प्र० अधिनियम संख्या 14, 2002 की धारा 2 द्वारा |
| गोवध का प्रतिषेध, (Prohibition of Cow Slaughter) किस धारा वर्णित में है? | धारा 3 |
| धारा 3 के अनुसार उत्तर प्रदेश में गोवध का प्रतिषेध किस पर लागू होता है? | गाय, सांड और बैल पर |
| धारा 3 के प्रारंभिक शब्द “तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि या किसी प्रथा या रूढ़ि में किसी प्रतिकूल बात के होते हुए भी” का विधिक प्रभाव क्या है? | कोई व्यक्ति उत्तर प्रदेश में किसी स्थान पर किसी गाय, सांड़ या बैल का न तो वध करेगा और न वध करवायेगा, न तो उसे वध के लिए प्रस्तुत करेगा और न वध के लिए प्रस्तुत करवायेगा। |
| कौन-सा कृत्य धारा 3 के अंतर्गत निषिद्ध नहीं है? | मृत पशु का निपटान करना |
कौन-सा कृत्य धारा 3 के अंतर्गत निषिद्ध है?
| किसी स्थान पर किसी गाय, सांड़ या बैल का वध करना और न वध करवाना, उसे वध के लिए प्रस्तुत करना और वध के लिए प्रस्तुत करवाना । |
| गोमांस बेचने का प्रतिषेध, (Prohibition on Sale of Beef) किस धारा वर्णित में है? | धारा 5 |
| धारा 5 के अंतर्गत गोमांस के संबंध में कौन-सा कार्य स्पष्ट रूप से निषिद्ध नहीं है? | गोमांस का चिकित्सकीय प्रयोजन हेतु उपयोग |
| धारा 5 के अनुसार किस कार्य पर सामान्यतः प्रतिबंध है? | गोमांस अथवा तज्जन्य पदार्थ का विक्रय |
| धारा 5 के अनुसार गोमांस बेचने की अनुमति किन परिस्थितियों में दी गई है? | चिकित्सकीय प्रयोजनों हेतु जो नियत किये जाय |
| अपवाद के अनुसार गोमांस किस उद्देश्य से बेचा अथवा भोजनार्थ प्रस्तुत किया जा सकता है? | वायुयान के अथवा रेलवे ट्रेन के वास्तविक यात्री के उपभोग हेतु |
| गाय आदि के परिवहन का विनियमन, (Regulation on Transport of Cow, Etc.) किस धारा वर्णित में है? | धारा 5(क) |
| धारा 5(क) के अनुसार, राज्य के भीतर से राज्य के बाहर गाय/साँड़/बैल का परिवहन किस स्थिति में वैध है? | जब राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित अधिकारी द्वारा जारी अनुज्ञा-पत्र हो |
| धारा 5(क) किन पशुओं पर लागू होती है? | गाय, साँड़ या बैल |
| धारा 5(क) के अंतर्गत “प्राधिकृत अधिकारी” किसके द्वारा अधिसूचित किया जाता है? | राज्य सरकार |
| यदि अनुज्ञा-पत्र तो है, लेकिन उसकी शर्तों का उल्लंघन किया गया है, तो धारा 5(क) के अंतर्गत क्या स्थिति होगी? | परिवहन निषिद्ध एवं दण्डनीय होगा धारा 5(क)(3) |
| धारा 5(क) के अनुसार प्रतिबंध किस स्थिति से जुड़ा हुआ है? | जब पशु का वध उत्तर प्रदेश में दण्डनीय हो |
| धारा 5(क)(2) के अनुसार प्रति गाय/सांड/बैल अनुज्ञा-पत्र शुल्क की अधिकतम सीमा क्या है? | ₹500 |
| धारा 5(क)(2) के परन्तुक (Proviso) के अनुसार शुल्क कब प्रभार्य नहीं होगा? | यदि अनुज्ञा-पत्र 6 माह से अनधिक अवधि के लिए हो |
| यदि अनुज्ञा-पत्र पर सीमित अवधि के लिए गाय, सांड़ या बैल का परिवहन करने वाला व्यक्ति अनुज्ञा-पत्र में विनिर्दिष्ट अवधि के भीतर ऐसी गाय, सांड या बैल को राज्य में वापस न लाये तो क्या समझा जायगा? | उसने उपधारा (1) के उपबन्धों का उल्लंघन किया है। {धारा 5(क)(3)} |
| अनुज्ञा-पत्र का प्रारूप, उसके लिए आवेदन-पत्र का प्रारूप और ऐसे आवेदन-पत्र के निस्तारण की प्रक्रिया से सम्बंधित धारा कौन सी है? | धारा 5(क)(4) |
| कौन कार्यवाही की वैधता या औचित्य के सम्बन्ध में किसी मामले के अभिलेख को मंगा सकता है और उसका परीक्षण कर सकता है? | राज्य सरकार या उसके द्वारा इस निमित्त सामान्य या विशेष अधिसूचित आदेश से प्राधिकृत कोई अधिकारी {धारा 5(क)(5)} |
| धारा 5(क)(6) में अभियुक्त कब दोषमुक्त हो सकता है? | जब यह सिद्ध हो जाये कि समस्त सावधानियों के बावजूद और उसकी जानकारी के बिना वाहन का दुरुपयोग हुआ |
| अधिहृत यान तथा गोवंश/गोमांस के अधिहरण एवं निर्मुक्ति की कार्यवाही कौन करेगा? | जिला मजिस्ट्रेट/आयुक्त {धारा 5(क)(7)} |
| धारा 5(क)(9) के अनुसार गोवंश के भरण-पोषण व्यय की वसूली— | अभियुक्त से, अधिकतम एक वर्ष या गाय या गोवंश को निर्मुक्त किये जाने तक जो भी पहले हो, स्वामी के पक्ष में की जायेगी। |
| धारा 5(क)(10) के अनुसार अधिनियम की धारा 3, 5 तथा 8 के अधीन कोई अपराध करने, उसका दुष्प्रेरण करने या प्रयास करने के लिये अभियोजित किया जाता है और अभियुक्त के पास गोमांश या गाय के होने की पुष्टि अभियोजन द्वारा कर दी गयी है और सक्षम प्राधिकारी या प्राधिकृत प्रयोगशाला द्वारा परिवहन की गयी चीजों का गोमांस होना पुष्टि कर दिया गया हो वहां न्यायालय द्वारा कौन-सी उपधारणा (Presumption) की जायेगी? | ऐसे व्यक्ति ने यथास्थिति ऐसा अपराध किया है या ऐसा अपराध करने का प्रयास या दुष्प्रेरण किया है, जब तक अन्यथा सिद्ध न हो जाय। |
| जहां तलाशी अधिग्रहण, व्ययन एवं जब्तीकरण के सम्बन्ध में इस अधिनियम अथवा सम्बन्धित नियमावली के उपबन्ध मौन हों वहां-- | दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) के सुसंगत उपबन्ध प्रभावी होंगे। {धारा 5(क)(11)} |
| धारा 5(ख) के अंतर्गत कौन-सा कृत्य दंडनीय है? | गोवंश को ऐसी शारीरिक क्षति पहुँचाना जिससे उसका जीवन संकटापन्न हो जाए |
| धारा 5(ख) में “शारीरिक क्षति” के उदाहरण के रूप में कौन-सा कृत्य स्पष्ट रूप से उल्लिखित है? | गोवंश का अंग भंग करना |
| यदि किसी गोवंश को उसके जीवन को संकटापन्न करने वाली परिस्थिति में परिवहन किया जाता है, तो यह किस धारा के अंतर्गत अपराध होगा? | धारा 5(ख) |
| धारा 5(ख) के अंतर्गत न्यूनतम कारावास की अवधि क्या है? | एक वर्ष (कठोर कारावास) |
| धारा 5(ख) के अंतर्गत अधिकतम कठोर कारावास की अवधि कितनी हो सकती है? | सात वर्ष |
| धारा 5(ख) के अंतर्गत न्यूनतम जुर्माने की राशि कितनी है? | ₹1,00,000 |
| धारा 5(ख) के अंतर्गत अधिकतम जुर्माने की सीमा क्या है? | ₹3,00,000 |
| संस्थाओं की स्थापना, (Establishment of Institutions) किस धारा वर्णित में है? | धारा 6 |
| धारा 6 के अनुसार गायों, सांडों या बैलों की देखभाल हेतु संस्थाएं कौन स्थापित कर सकता है? | राज्य सरकार, स्थानीय प्राधिकारी या पंजीकृत सोसाइटी |
| धारा 6 के अंतर्गत संस्थाओं की स्थापना किस उद्देश्य के लिए की जाती है? | गायों, सांडों या बैलों की देखभाल हेतु |
| धारा 6 को वर्तमान रूप में किस अधिनियम द्वारा प्रतिस्थापित किया गया? | उ० प्र० अधिनियम संख्या 14, 2002 |
| गायों आदि का रख-रखाव, (Maintenance of Cows, Etc.) किस धारा वर्णित में है? | धारा 7 |
| धारा 7(1) के अंतर्गत कोई व्यक्ति अपनी गाय, सांड या बैल को कहाँ अभ्यर्पित कर सकता है? | किसी गोशाला या संस्था को |
| धारा 7(1) के अंतर्गत अभ्यर्पित की गई गाय, सांड या बैल के संबंध क्या नहीं किया जायेगा? | उसे अभ्यर्पित करने वाले व्यक्ति को वापस नहीं दिया जाएगा |
| धारा 7(1) को किस अधिनियम द्वारा प्रतिस्थापित किया गया था? | उ० प्र० अधिनियम संख्या 14, 2002 |
| धारा 7(2) के अनुसार राज्य सरकार किसके लिए वैकल्पिक और अतिरिक्त व्यवस्था कर सकती है? | अभ्यर्पित गायों, सांडों या बैलों की देखभाल के लिए |
| धारा 7(3) के अनुसार गाय, सांड या बैल को उसके स्वामी को किस आधार पर निर्मुक्त किया जा सकता है? | विहित निबन्धनों, शर्तों एवं प्रभार के भुगतान पर |
| धारा 7(क)(1) खण्ड (क) के अनुसार, किसी व्यक्ति को जमानत पर मुक्त करने से पूर्व किसे अवसर दिया जाना अनिवार्य है? | विशेष लोक अभियोजक |
| धारा 7(क)(1) के खण्ड (ख) में न्यायालय के लिए कितनी शर्तों से संतुष्ट होना आवश्यक है? | दो न्यायालय का यह विश्वास न हो जाय कि यह विश्वास करने का युक्तियुक्त आधार है कि वह ऐसे अपराध का दोषी नहीं है और यह कि जमानत के दौरान कोई अपराध करना असंभव है। |
| धारा 7(क)(3) के अनुसार, विशेष लोक अभियोजक माने जाने के लिए अभियोजक को न्यूनतम कितने वर्ष का अभियोजन अनुभव होना चाहिए? | सात वर्ष |
| धारा 7(क)(3) के अनुसार, विशेष लोक अभियोजक माने जाने के लिए अभियोजक का पदनाम क्या होना चाहिए? | किसी भी नाम से ज्ञात हो सकता है |
| शास्ति, (Penalty) किस धारा वर्णित में है? | धारा 8 |
| धारा 8(1) के अंतर्गत किन धाराओं के उल्लंघन पर दण्ड का प्रावधान है? | धारा 3, 5 एवं 5-क |
| धारा 8(1) के अंतर्गत धारा 3 धारा 5 या धारा 5-क के उपबन्धों का उल्लंघन पर न्यूनतम कठोर कारावास की अवधि कितनी हो सकती है? | तीन वर्ष |
| धारा 8(1) के अंतर्गत अधिकतम कठोर कारावास की अवधि कितनी हो सकती है? | 10 वर्ष |
| धारा 8(1) के अनुसार न्यूनतम जुर्माने की राशि कितनी है? | ₹3,00,000 |
| धारा 8(1) के अंतर्गत अधिकतम जुर्माना कितना हो सकता है? | ₹5,00,000 |
| धारा 8(1) में “उल्लंघन” के साथ-साथ कौन-सा कृत्य भी दण्डनीय है? | प्रयास तथा दुष्प्रेरण दोनों |
| धारा 8(2) का संबंध किस स्थिति से है? | द्वितीय दोषसिद्धि |
| धारा 8(2) के अनुसार द्वितीय दोषसिद्धि पर क्या दण्ड दिया जाएगा? | दोहरे दण्ड |
| धारा 8(3) किस धारा के उल्लंघन से संबंधित अभियुक्त पर लागू होती है? | धारा 5(क) |
| धारा 5(क) के उपबन्ध के उल्लंघन के अभियुक्त व्यक्ति के संबंध में क्या प्रकाशित किया जाएगा? | उसका नाम तथा फोटोग्राफ |
| यदि अभियुक्त सामान्यतः निवास स्थान पर उपलब्ध न हो, तो उसका नाम व फोटोग्राफ कहाँ प्रकाशित किया जा सकता है? | ऐसे सार्वजनिक स्थल पर जहाँ वह विधि प्रवर्तन अधिकारियों से स्वयं को छिपाता हो |
| अपराध हस्तक्षेप्य (cognizable) तथा अप्रतिभाव्य (non-bailable), (Offences to be Cognizable and Nonbailable) होंगे किस धारा वर्णित में है? | धारा 9 |
| उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम, 1955 के अनुसार कौन-से अपराध संज्ञेय एवं अजमानतीय घोषित किए गए हैं? | धारा 5(ख) एवं धारा 8(1) के अधीन दण्डनीय अपराध |
| धारा 5(ख) एवं धारा 8(1) के अंतर्गत दण्डनीय अपराधों को संज्ञेय एवं अजमानतीय घोषित करने का प्रभाव किस विधि पर अधिभावी (overriding) है? | दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी |
| धारा 9 किस अधिनियम द्वारा प्रतिस्थापित किया गया था? | उ० प्र० अधिनियम संख्या 20, 2020 की धारा 6 द्वारा |
| नियम बनाने की शक्ति, (Power to Make Rules) किस धारा वर्णित में है? | धारा 10 |
| अधिनियम के प्रयोजनों को कार्यान्वित करने के लिए कौन नियम बना सकता है? | राज्य सरकार |
| कौन-सा विषय धारा 10(2) के अंतर्गत नियमों द्वारा विनियमित किया जा सकता है? | गायों, सांडों और बैलों का अभ्यर्पण तथा उनकी अभिरक्षा |
| धारा 10(2)(घघ) के अनुसार नियम किससे संबंधित हो सकते हैं? | गायों, सांडों और बैलों को निर्मुक्त करने की निबंधन एवं शर्तें |
| धारा 10(2)(च) का संबंध किससे है? | अधिकारियों अथवा प्राधिकारियों के कर्तव्यों एवं प्रक्रिया से |
| धारा 10(2)(छ) के अंतर्गत किस प्रकार के विषय नियमों द्वारा निर्धारित किए जा सकते हैं? | वे विषय जो अधिनियम के अधीन नियत किए जाने हों |
